Importance of vegetables for human health

सब्ज़ियों एवं फलों का शाकाहारी जीवन में विशेष महत्त्व है । सब्जियां हमारे भोजन को पौष्टिक तथा संतुलित बनाती है । अगर भोजन असुंतलित है तो यह कुपोषण को जन्म देता है।असुंतलित भोजन, वह स्थिति है जिसमें पोषक तत्वों की अधिकता, कमी अथवा  गलत अनुपात में  उपस्थिति  कुपोषण को आमंत्रित करती  है ।

सब्ज़ियों से हमें पौष्टिक तत्व जैसे रेशा, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, खनिज लवण और विटामिन्स मिलते है। साथ ही इनमें ज्यादा मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तथा ऐसे  रसायन तत्व भी  पाए जाते है जो हमें रोगो से बचाते है । इसलिए सब्ज़ियों को रक्षात्मक आहार भी कहा जाता है।

कुपोषणता समाज में एक छिपी हुई भूख की तरह है जिससे समाज का हर वर्ग, व्यक्ति, बच्चे  प्रभावित है । असंतुलित भोजन, ज्ञान की कमी, आर्थिक स्थिति, सामाजिक व धार्मिक  विचार  इत्यादि  कुछ प्रमुख कारण इसके जिम्मेदार है । खान पान के वदलाव के इस युग में बच्चे अपने आहार में सब्जियां,  फल व दूध को प्राथमिकता न देते हुए फ़ास्ट फ़ूड / जंक फ़ूड को खाकर मोटापे के शिकार हो रहे है।

प्रस्तुत लेख में सब्जियां कुपोषणता से निपटने का एक प्रभावी विकल्प कैसे हो सकती है ? पर विस्तृत रूप से समीक्षा की गयी है तथा इसके उन्मूलन में संभावित सुझाव भी समायोजित किये गए है ।

सब्ज़ियों का महत्व

भारत विश्व में चीन के बाद सब्ज़ी उत्पादन में दूसरे स्थान पर है । विदेशी सब्ज़ियों जैसे  ब्रॉकली, ऐस्पैरागस, पार्सले, सेलेरी, करमसाग, ब्रुसेल्स स्प्राउट, लीक, पकचोई, इंडीव, गांठ- गोभी, आर्टिचोक इत्यादि का भारत में आगमन व व्यापारिक उत्पादन होने से किसान भाइयों को आर्थिक लाभ मिलेगा। 

इनकी खेती से न केवल उपभोक्ता को सब्ज़ियों में विविधीकरण के नये विकल्प मिले है बल्कि उपभोक्ता स्तर पर पोषण सुरक्षा को एक नई दिशा भी मिली है।

भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद्  की एक अनुशंसा के अनुसार हमारे देश में प्रति व्यक्ति को लगभग 300 ग्राम सब्ज़ियों का सेवन करना चाहिए । जिसमें 125 ग्राम हरे पत्तेदार सब्ज़ियाँ, 100 ग्राम जड़ व कंद व 75 ग्राम अन्य सब्जियां शामिल है । परन्तु दुर्भाग्यवश भारत देश में सब्ज़ियों का वार्षिक औसत उपभोग 200 ग्राम/व्यक्ति है ।

खान पान के वदलाव के इस युग में बच्चे अपने आहार में सब्जियां,  फल व दूध को प्राथमिकता न देते हुए फ़ास्ट फ़ूड / जंक फ़ूड को खाकर मोटापे के शिकार हो रहे है।

भारत में  सब्ज़ियों का सेवन उनकी कीमत, परिवार की आय, स्वाद, जागरूकता,  महिलाओं की कार्य शैली, विश्वास, विचार, धार्मिक मान्यताओं, परम्पराओं और भौगोलिक व सामाजिक कारणों पर निर्धारित होता है ।

सब्ज़ियों के  पोषक मूल्य में जल,  कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, पोषक तंतु, विटामिन्स व खनिज लवण भी शामिल है ।   जो शरीर की विभिन्न आवश्यक क्रियाओं को संपन्न करने में मदद करने के साथ साथ प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान करते है। सब्ज़ियों में पाए जाने बाले घटको, विटामिन्स व खनिज लवणों की आवयश्कता, प्रमुख स्रोतों के बारे में विस्तृत जानकारी इस प्रकार है। 

तालिका १: सब्ज़ियों में उपस्थित आहार तंतु व विटामिन्स मात्रा (प्रति १०० ग्राम)

घटक वयस्क व्यक्ति  प्रतिदिन आवश्कता* शाकीय स्रोत
आहार तंतु ३८  ग्राम हरी पत्तीदार सब्ज़ियाँ, आर्टिचोक, शकरकंद, शलजम, आलू , दलहनी सब्ज़ियां, कद्दू वर्गीय सब्ज़ियां
विटामिन 'सी’ ४०   मिलीग्राम पार्सले (१३३ मिलीग्राम), अगेथी पत्ते (१२१ मिलीग्राम), शिमला मिर्च (१२० मिलीग्राम ), हरी मिर्च  (१२० मिलीग्राम ),  सहजन पत्ता (१०८ मिलीग्राम) व पत्तागोभी (४५ मिलीग्राम )
थायमिन(विटामिन 'बी-१') १.४  मिलीग्राम बीन्स   (०.२८-०.३६ मिलीग्राम ),  मटर (०.२५ -०.५२ मिलीग्राम )
राइबोफ्लेविन(विटामिन 'बी- २ ‘) १.६  मिलीग्राम लाल  मिर्च  (०.८३ मिलीग्राम ),  अगेथी पत्ते  (०.३३ मिलीग्राम), सहजन पत्ता (०.४५ मिलीग्राम) , बथुआ (०.५१  मिलीग्राम ), चौलाई  (०.३०  मिलीग्राम), मूली पत्ता (०.४७ मिलीग्राम), मेंथी पत्ता (०.३१ मिलीग्राम), पालक (०.५६ मिलीग्राम), करी पत्ता (०.२१ मिलीग्राम), पोर्चूलका (०.२२ मिलीग्राम), शलजम हरी (०.३१ मिलीग्राम) 
नियासिन(विटामिन 'बी- ३ ') १८  मिलीग्राम लाल मिर्च, शकरकंद, आलू  (५.१ मिलीग्राम ) व शिमला मिर्च ( २.१७  मिलीग्राम), बीन्स व मटर  (३.३  मिलीग्राम)
पैण्टोथेनिक अम्ल(विटामिन 'बी- ५ ') ५  मिलीग्राम लहसुन, राजमा, ओएस्टर मशरूम, लोबिया  
पाइरोडोक्सिन (विटामिन 'बी-६') २  मिलीग्राम लहसुन (सिंगल क्लोव),  तरबूज़, पाक चोई पत्ते, सहजन पत्ते , मेंथी , करी पत्ते  व ओएस्टर मशरुम
बायोटिन(विटामिन 'बी-७ ') ३०  माइक्रोग्राम गांठ-गोभी पत्ते, पार्सले, स्कारलेट बीन्स, अरवी पत्ते व सिटका मशरुम
फोलिक अम्ल(विटामिन 'बी -९’ ) १ ००  माइक्रोग्राम पार्सले (१९७ माइक्रोग्राम ), विलायती पालक (१४२ माइक्रोग्राम ),   अगेथी पत्ता (१२० माइक्रोग्राम ),   दलहनी सब्ज़ियां (४८- ५०) व एस्परगस (१५६ माइक्रोग्राम)   
सायनोकोबलमीन(विटामिन 'बी -१२ ’ ) १     माइक्रोग्राम विलायती पालक (०.१४  माइक्रोग्राम),  ब्रोकॉली  व एस्परेगस (लेश मात्र)   
विटामिन  ‘ ए’ ६००    माइक्रोग्राम सहजन पत्ता (१७५४२ माइक्रोग्राम ), अगेथी पत्ते (१२५८२ माइक्रोग्राम), मेंथी पत्ता (९२४५ माइक्रोग्राम), चौलाई (८४९१ माइक्रोग्राम), गाजर (५४२३ माइक्रोग्राम), शकरकंद (५३७६ माइक्रोग्राम), पोदीना (४६०२ माइक्रोग्राम), टमाटर (१५१३ माइक्रोग्राम) व लाल मिर्च (१५४२ माइक्रोग्राम)
विटामिन  ‘के’(फ़ायटलमेनाक्विनोन) १२०  माइक्रोग्राम विलायती पालक, हरी शलजम, ब्रोकोली, सहजन, चौलाई, मेंथी पत्ता, पार्सले, अरवी पत्ते, व गांठ-गोभी 
विटामिन  ‘ई’ १५ मिलीग्राम परशिनप, विलायती पालक, ब्रोकोली, जुकिनी हरा , करी पत्ता, अगेथी पत्ता  एवं वाटरक्रैस

*भारतीय पोषण संस्थान, हैदराबाद द्वारा अनुशंसित

विटामिन्स:

कार्बनिक यौगिकों का समूह / और आवश्यक पोषक तत्व जो शरीर की चपापचय क्रियाएं  व प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूती प्रदान करने हेतु कम मात्रा में आवश्यक होते है, विटामिन्स कहलाते है । जल में घुलनशील विटामिन्स के अंतर्गत विटामिन 'बी' समूह व विटामिन 'सी' आते है ।  

इन विटामिन्स का सेवन  दिन- प्रति दिन की क्रियायों को हेतु आवश्यक है । वसा में घुलनशील विटामिन्स (विटामिन 'ए', डी, ई, के ) का शरीर में अवशोषण  वसा  ग्लोबुलेस के द्वारा होता है । वसा में घुलनशील विटामिन्स विशेषकर  विटामिन 'ए व ई को शरीर  के ऊतकों में संचयन किया जाता है ।

तालिका : सब्ज़ियों में  खनिज व अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वाेे की  मात्रात्मक उपस्थित (प्रति १०० ग्राम)

घटक वयस्क व्यक्ति  प्रतिदिन आवश्कता* शाकीय फसल द्वारा उपलब्ध स्रोत 
कैल्शियम ६००  मिलीग्राम  चौलाई  (३३०-८०० मिलीग्राम ), शलजम हरी (७१० मिलीग्राम ), पार्सले (३९० मिलीग्राम ), पालक (३८० ग्राम ), मूली पत्ता (३१० मिलीग्राम ), सेलरी  (२३० मिलीग्राम ), अरवी पत्ता (२२७ मिलीग्राम ), ह्यसिन्थ बीन (२१० मिलीग्राम), पोदीना (२०० मिलीग्राम ), अगेथी (९०१ मिलीग्राम ), गांठ-गोभी (३६८ मिलीग्राम )
फॉस्फोरस ६०० मिलीग्राम  लोबिया (४१४ मिलीग्राम ), सब्ज़ी सोयाबीन (४३२ मिलीग्राम), स्कारलेट रनर बीन (१६० मिलीग्राम ), मटर (१३९ मिलीग्राम ), सेलरी (१४० मिलीग्राम ), पार्सले (१७५ मिलीग्राम )
क्लोराइड  २.३ ग्राम लोटस तना, सहजन पत्तिया, करी पत्ता, मेंथी पत्ता, चौलाई, खरबूज़, गांठ-गोभी, विलायती पालक व बैंगन
मैग्नीशियम ३४०  मिलीग्राम लोबिया(२३० मिलीग्राम), चौलाई (२४७ मिलीग्राम), करी पत्ता (२२१ मिलीग्राम ), टमाटर (१४६ मिलीग्राम )
आयोडीन १५०   माइक्रोग्राम समुद्री शाकीय भोजन, बीन्स,रहुबारब, वाटरक्रेस, आलू
सोडियम १.५    ग्राम चौलाई, गाजर, चुकंदर पत्तिया, मेंथी पत्ता, पालक, विलायती पालक
पौटेशियम ३७५०  मिलीग्राम लोबिया (११३१ मिलीग्राम), स्वोर्ड बीन (१८०० मिलीग्राम), अरवी (५५० मिलीग्राम), खरबूज़ (३४१ मिलीग्राम), सेलरी (२१० मिलीग्राम), धनियां पत्ता (२५६ मिलीग्राम), सहजन (२५९ मिलीग्राम ), चौलाई (३४१ मिलीग्राम)
लोहा १७  मिलीग्राम चौलाई  (३८.५ मिलीग्राम ), मूली (१८.० मिलीग्राम), पार्सले  (१७.९ मिलीग्राम), सरसों साग (१६.३ मिलीग्राम), पोदीना (१५.६ मिलीग्राम), बसेला (१०.० मिलीग्राम), तरबूज़ (७.६ मिलीग्राम), बथुआ (४.२), मेंथी पत्ता (१.९३ मिलीग्राम)
जस्ता १२ मिलीग्राम राई, जीरा, आलू, बीन्स व कददू
सेलेनियम ४० माइक्रोग्राम राई, लहसुन, ब्रोकली
तांबा ९०० माइक्रोग्राम धनियाँ  व कालीमिर्च
मैगनीज २-५ मिलीग्राम जीरा, धनियां, भिंडी   व लोंग

      *भारतीय पोषण संस्थान, हैदराबाद द्वारा अनुशंसित


Authors

Shiwani*, Pooja rani and Makhan Lal

Deptt. Of Vegetable Science,

CCSHAU, HISAR

*Email: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.