मलबरी रेशमकीट पालनः आजीवि‍का का साधन

मलबरी रेशमकीट को विभिन्न जलवायु स्थितियों और विस्तृत क्षेत्र वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है। बेहतर पद्धतियों को अपनाकर कोकुन की अच्छी उपज प्राप्त की जा सकती है। लेकिन इसके लिए अधिक ऊपज देने वाली उत्तम किस्म की पत्ती का होना आवश्यक शर्त है। रेशमकीट का पालन लार्वा अवधि के दौरान पाँच विभिन्न चरणों से होते हुए होती है। लार्वा अवधि में उसे विशेष रूप से निर्मित रेशमकीट पालन शेड में रखा जाता है। साथ ही, उच्च कोटि का रेशम प्राप्त करने के लिए उचित समय पर प्रबंध और गहन देखभाल की जाती है। More.....

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