अमरूद की मुख्य किस्में - Krishisewa

अमरूद की मुख्य किस्में

1. इलाहाबाद सफेदा -

फल का आकार मध्यम, गोलाकार एंव औसत वजन लगभग 180 ग्राम होता है। फल की सतह चिकनी, छिल्का पीला, गूदा मुलायम, रंग सफेद, सुविकसित और स्वाद मीठा होता है। इस किस्म की भंडारण क्षमता अच्छी होती है।

2. लखनऊ-49 (सरदार अमरूद) -

फल मध्यम से बडे, गोल, अंडाकार, खुरदुरी सतह वाले एवं पीले रंग के होते हैं। गूदा मूलायम, सफेद तथा स्वाद खटास लिये हुये मीठा होता है। इसकी भंडारण क्षमता अन्य प्रजातियों की तुलना में अच्छी होती है तथा इसमें उकठा रोग का प्रकोप अपेक्षाकृत कम होता है।

3. चित्तीदार - फलों की सतह पर लाल रंग के धब्बे पाये जाते हैं। फल मध्यम, अंडाकार, चिकने एवं हल्के पीले रंग के होते हैं। गूदा मुलायम, सफेद, सुवास युक्त मीठा होता है।

4. एप्पल-कलर -

फल गोल एवं चिकने होते हैं। छिल्का गुलाबी या हरे लाल रंग का होता है। फलों का गूदा मुलायम, सफेद एवं सुवास युक्त होता है। फलों की भंडारण क्षमता मध्यम होती है।

5. अर्का मृदुला - फल चिकने, मध्यम आकार, मुलायम बीज, गूदा सफेद एवं मीठा होता है। इस किस्म में प्रचुर मात्रा में विटामिन-सी पाई जाती है। फलों की भंडारण क्षमता अच्छी होती है।

6. ललित -

फल मध्यम आकार एवं केशरनुमा आकर्षक पीले रंग के होते हैं। गूदा गुलाबी रंग का होता है। जिसके कारण यह किस्म संरक्षित पदार्थों को बनाने हेतु उपयुक्त होती है। यह किस्म इलाहाबाद सफेदा की अपेक्षा लगभग 24 प्रतिशत तक अधिक उत्पादन देती है। फल का वजन 250 से 300 ग्राम तक होता है। इसके फल खाने व फल प्रसंस्करण (जैली, पेय पदार्थ) दोनों के लिए उपयुक्त है।

7. इलाहाबाद सुर्खा : 

इसके फल बडे़ तथा छिलका व गूदा दोनों लाल रंग होता हैं, इसके फल मीठे, कम बीज वाले, प्रसन्नचित्त सुवासयुक्त होते है। इसके वृक्ष तेजी से बढने वाले, अर्धवृताकार व घने छायादार होते है।

8. चित्ती दार :

यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध प्रजाति है। फल भित्ती पर लाल रंग की अनेक चित्तीयाँ होती है, उच्च मिठास, छोटे से लेकर मध्यम व मुलायम बीज वाले गुणों के कारण जानी जाती है। इसके फल का आकार, रूप तथा गूदा इलाहाबाद सफेदा के अनुरूप होता है।

इसमें मिठास इलाहाबाद सफेदा व सरदार किस्म से अधिक होतीहै, किन्तु विटामिन-सी की मात्रा इनकी अपेक्षा कम होती है। वृक्ष इलाहाबाद सफेदा की भांति होते है।

9. धारी दार :

इसका चयन पुराने बीजू पेड़ से मध्य प्रदेश के रीवा जिले में किया गया है। पेड़ भारी, मध्यम लम्बे, शाखायें ऊपर की ओर सीधीं व फैलावदार होती है। फल मध्यम से बड़े लगभग 195 ग्राम, गोल तथा पांच से सात धारीयुक्त होते है। फलों का रंग हरापन के साथ पीला होता हैं। गूदा मुलायम व मीठा तथा तथा विटामिन सी लगभग 200 मि.ग्रा (100 ग्राम फल) पाया जाता है।

10. श्वेता :

फल बड़ें गोल, श्वेत आभायुक्त पीले होते है। कभी कभी फलों पर लालिमा भी उभर आती है। फल कम बीज वाले, मुलायम तथा सफेद गुदायुक्त होते है। फलों का स्वाद अच्छा अधिक मिठास (14 प्रतिशत) व विटामिन सी (300 मि.ग्रा./100 ग्राम) वाले होते है। यह अधिक उपज वाली किस्म है।

11. सरदार (लखनऊ-49) :

फल वृक्ष बढ़ने वाले, अधिक शाखायुक्त, फेलावदार तथा अधिक फलन वाले होते है। फल बड़े, उभार लिये गोल, चमकीले पीले तथा सफेद गुदा वाले होते है। बीज औसत संख्या में मुलायम होते है। अच्छा स्वाद एवं विटामिन-सी की प्रचुर मात्रा होती है।

12. अर्का अमूल्या (बेदाना - इलाहाबाद सफेदा) :

यह संकर किस्म भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई हैं, इसके वृक्ष अधिक उपज वाले औसत सुडौल होते है। फल मध्यम आकार (180-200 ग्राम) व श्वेत तथा मीठे (12.5 प्रतिशत) गूदे वाले छोटे (100 बीजभार-1.8 ग्राम) मुलायम एवं कम बीजयुक्त होते है। फलों की भंडारण क्षमता अच्छी होती है।

13. सफेद जाम (इलाहाबाद सफेदा - कोहिर) :

फल अनुसंधान केन्द्र, संगारेड्डी द्वारा विकसित संकर किस्म है। पेड़ मध्यम उचांई व भारी उपज देने वाले होते है। फल गोल, पतले छिलके व मुलायम बीज तथा अच्छे स्वादयुक्त होते है।