कृषि‍ पत्रि‍का 

कृषिसेवा एक आनलाईन मैगजीन  है जि‍समें कृषि‍ से सम्‍बंधि‍त लेखों का रोलि‍ंग मोड में, यानि‍ जैसे ही प्रविटियां प्राप्‍त होती है वैसे ही, प्रकाशन किया जाता है। हमारा उद्देश्‍य सूचना तकनीक के माध्‍यम से किसानों को खेती से संबधित जानकारी ऑनलाईन उपल्‍ब्‍ध कराना है। इस ऑनलाईन पत्रि‍का में वि‍शेषज्ञों से प्राप्‍त लेखों से खेती की वि‍वि‍ध उपयोगी जानकारी प्रकासि‍त होती हैै। 

 

Agricultural work to be carried out in the month of August

धान फसल:

  • गैर बासमती धान की अधि‍क उपज वाली कि‍स्‍मों में रोपाई के 25 से 30 दि‍न बाद 30 कि‍लो नाइट्रोजन यानि‍ 65 कि‍लो यूरि‍या प्रति‍ हैक्‍टेअर तथा बासमती कि‍स्‍मों मे 15 कि‍लोग्राम नाइट्रोजन (33 कि‍ग्रा यूरि‍या) प्रति‍ हैक्‍टेयर की टापॅ ड्रेसि‍ंग कर दें। इतनी ही मात्रा से दूसरी व अन्‍ति‍म टॉप ड्रेसि‍ंग रोपाई के 50-55 दि‍न बादे करें 
  • ध्‍यान रखे की टॉप ड्रेसि‍ंग करते समय खेत मे पानी 2-3 सेमी से अधि‍क ना हो।
  • धान के तना छेदक कीट की रोकथाम के लि‍ए, जब खेत में 4.5 सेंमी पानी हो, प्रति‍ हैक्‍टेयर 20 कि‍ग्रा कार्बोफयूरान दवा का प्रयोग करें अथवा क्‍लोरोपायरीफास 20 ईसी दवा 1.5 लि‍टर प्रति‍ हैक्‍टेयर की दर से 60 लीटर पानी मे घोलकर छि‍डकाव करें।

सब्‍जि‍यॉं :

  • गोभी की पूसा शरद,पूसा हाईब्रि‍ड 2 प्रजाति‍ की नर्सरी तैयार करें।
  • अगेती गाजर जैसे पूसा वृष्‍टि‍ कि‍स्‍म की बुआई आरम्‍भ कर सकते हैं।
  • कद्दू वर्गीय सब्‍जि‍यों में मचान बनाकर उस पर बेल चढाने से उपज में वृद्धि‍ होगी व स्‍वस्‍थ्‍य फल बनेंगें।
  • बैंगन में थि‍रम 3 ग्राम या कैप्‍टान 3 ग्राम या कार्बेन्‍डाजि‍म 2 ग्राम प्रति‍ कि‍लोग्राम बीज की दर से उपचारि‍त करके बुआई करने से फोमाप्‍सि‍सं अंगमारी व फल वि‍गलन की रोकथाम करें।

फल फसलें:  

  • तराई क्षेत्रों में आम के पौधों पर गांठ बनाने वाले कीडे गॉल मेकर की रोकथाम के लि‍ए मोनोक्रोटोफॉस 0.5% या डाईमेथेएट 0.06% दवा का छि‍डकाव करें।

  • आम के पौधों पर लाल रतुआ एवं श्‍यामवर्ण (एन्‍थ्रोक्‍नोज ) की बीमारी पर कॉपर ऑक्‍सीक्‍लोराइड 0.3% दवा का छि‍डकाव करें।

  • नींबू वर्गीय फलों में रस चूसने वाले कीडे आने पर मेलाथि‍यान 2 मि‍ली/ लीटर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें।

  • पपीता के पौधों पर फूल आने के समय, 2 मि‍ली सूक्ष्‍म तत्‍वों को एक लि‍टर पानी में घोलकर छि‍डकाव करें।

अरहर:

  • अरहर के खेत में नि‍राई गुडाई करके खरपतवार नि‍काल दें

  • इस समय अरहर में उकठा रोग, फाइटोफथोरा, अंगमारी व पादप बांझा रोग होता है इनकी रोकथाम के लि‍ए 2.5 मि‍ली डाइकोफॉल दवा 1 लीटर पानी में घोलकर एवं 1.7 मि‍ली डाइमेथोएट दवा एक लीटर पानी में घोलकर पौधों पर छि‍डकाव करें।

बजरा:

  • बाजरे की बुआई के 15 दि‍न बाद कमजोर पौधों को नि‍कालकर लाईन में पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेंमी कर दें।

  • बाजरे की उच्‍च उत्‍पादन वाली कि‍स्‍मों में नाइट्रोजन की शेष आधी मात्रा यानि‍ 40-50 कि‍लोग्राम/ हैक्‍टेअर (या 87-108 कि‍ग्रा यूरि‍या) की टाप ड्रेसि‍गं कर दें।


पूसा कृषि‍ पंचाग, भा.क्अनू.सं.

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