ऊँट को भले ही “रेगिस्तान का जहाज” कहा जाता है, क्योंकि वह अत्यधिक गर्मी, सूखे वातावरण और पानी की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय तक जीवित रहने...
KrishiSewa एक निःशुल्क ऑनलाइन हिंदी कृषि पत्रिका है, जो फसल उत्पादन, कीट प्रबंधन, जैविक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों पर विशेषज्ञ जानकारी प्रदान करती है।
ऊँट को भले ही “रेगिस्तान का जहाज” कहा जाता है, क्योंकि वह अत्यधिक गर्मी, सूखे वातावरण और पानी की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों में भी लंबे समय तक जीवित रहने...
खेत या जमीन का क्षेत्रफल आसानी से निकालें और उसे एकड़, हेक्टेयर, गुंठा, वर्ग फीट और वर्ग मीटर जैसी अलग-अलग इकाइयों में बदलें। यह Land Area Calculator खेती, जमीन की...
अच्छी फसल के लिए किसान बीज, पानी और खाद पर काफी ध्यान देता है। लेकिन इन सबके साथ एक चीज और उतनी ही जरूरी है—खेत की मिट्टी की स्थिति जानना।...
Actinomycetes are widely recognized for significant role in promoting soil health and sustainable agriculture through the production of diverse bioactive compounds and plant growth promoting metabolites. This article highlights the...
Seed Rate Calculator – बीज की मात्रा कैलकुलेटर खेत में कितनी मात्रा में बीज की जरूरत होगी, यह जानने के लिए इस Seed Rate Calculator का इस्तेमाल करें। क्षेत्रफल, बीज...
NPK Calculator: फसल के लिए खाद की सही मात्रा निकालें फसल को Nitrogen (N), Phosphorus (P) और Potassium (K) की जरूरत अलग-अलग मात्रा में होती है। लेकिन खेत में कितने...
एशिया में सिंचाई वाले धान के लिए आमतौर पर लगभग 1300-1500 मिलीमीटर पानी की आवश्यकता होती है। सिंचाई वाले धान की खेती में दुनिया के कुल सिंचाई जल का अनुमानित...
भूमिका मृदा स्वास्थ्य कृषि उत्पादन की आधारशिला है। स्वस्थ मिट्टी ही लंबे समय तक टिकाऊ उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और कम लागत वाली खेती सुनिश्चित करती है। आज की कृषि व्यवस्था...
औषधीय फसलों और उत्पादों का उत्पादन एवं विपणन ग्राम स्तर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, किसानों की आय बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपार संभावनाएँ रखता है।...
आलू पुटी कृमि (पीसीएन) एक महत्वपूर्ण कीट है जो दुनिया भर में आलू (सोलनम ट्यूबरोसम) की फसलों को प्रभावित करता है इसमें दो प्रजातियां शामिल हैं: ग्लोबोडेरा रोस्टोचिएन्सिस (पैथोटाइप Ro1...
प्राकृतिक खेती केवल एक तकनीकी हस्तक्षेप नहीं है, बल्कि यह एक सामुदायिक-संलग्न अभ्यास है। महिलाओं की भूमिका बायो-इनपुट तैयार करना, बीज प्रबंधन, कंपोस्टिंग और फसल विविधता बनाए रखना जैसी प्रमुख...
पारम्परिक तरीके से आलू की खुदाई एवं भंडारण भारतीय कृषि की एक सशक्त और मूल्यवान विरासत है। यदि इन विधियों को आधुनिक वैज्ञानिक समझ के साथ समन्वित किया जाए, तो...